World tallest Sardar Patel statue statue of unity in hindi दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा


दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू  ऑफ  यूनिटी


world tallest statue
statue of unity


स्टैच्यू  ऑफ  यूनिटी  भारत  के  उप प्रधानमंत्री  तथा  गृहमंत्री सरदार वल्लबभाई पटेल  को समर्पित  एक प्रतिमा है , जो  एकता  के प्रतीक मने जाते है ,और लौह पुरुष के नाम से भी  जाने जाते है ,
स्टैच्यू  ऑफ  यूनिटी की लम्बाई  182 मीटर  है जो की  दुनिया के सबसे ऊंची  प्रतिमा है। यह गुजरात के नर्मदा जिले के सरदार सरोवर डैम पर स्थित है। यह मूर्ति इतनी  ऊंची  है की इसे  7 किलोमीटर दूर  से देखा जा सकता है ,
स्टैच्यू  ऑफ  यूनिटी की ऊँचाई  अमेरिका में स्थित स्टैच्यू आफ  लिबर्टी  से दो गुना  है , स्टैच्यू  ऑफ लिबर्टी  की ऊंचाई 93 मीटर है जबकि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई  182 मीटर  है ,यह  मूर्ति  रियो डी  जेनेरियो के क्राइस्ट द लिडीमर  टावर से चार गुना ऊंचा  है।
स्टैच्यू  आफ यूनिटी का  उद्धघाटन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल के जयंती पर किये। तो आइये जानते है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जुड़े कुछ खास बातो को


मूर्ति के सीने तक जा सकते है


इस मूर्ति का सबसे खास बात है इस मूर्ति में लगे दो फ़ास्ट स्पीड  लिफ्ट ,जिसके माध्यम से मूर्ति के सीने तक पहुंचा जा सकता है ,जहा पर एक साथ दो सौ लोग जा सकते है ,और सरदार सरोवर बांध का नजारा देख सकते है ,और खूबसूरत वादियों का मज़ा ले सकते है। हालांकि इसके लिए 300 रूपए खर्च करना पड़ेगा।

स्टैच्यू  से तीन किलोमीटर की दूरी पर एक टेंट सिटी बनाई गई है,  यदि वहां रुककर प्रतिमा व उसके आसपास के नजारों का आनंद लेना चाहें तो ले सकते है. पर्यटकों के लिए आसपास के परिसर को टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर बनाया गया है। 

‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ का आनंद सिर्फ दिन ही नहीं बल्कि शाम के अंधेरे में भी ले सकेंगे । इसलिए मूर्ति के लिए लेजर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। मूर्ति के आसपास फूलों का गार्डन भी है, जिसे वैली ऑफ फ्लॉवर्स नाम दिया गया हैं । यहां पर आप पुरे साल  रंग-बिरंगे फूलों के नजारों और उनकी खुशबू का मजा ले सकते है। 

मूर्ति के आधार पर एक म्युसियम भी बनाया गया है। जहा पर सरदार पटेल से जुडी चीजे  मिल जाएँगी।

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 मूर्ति के निर्माण 

इस स्मारक की आधारशिला  31 अक्तूबर, 2013 को पटेल की 138 वीं जयंती के मौके पर रखी गई थी, उस समय  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। मूर्ति के निर्माण के लिए पूरे देश में लोहा इकट्ठा करने का अभियान भी चलाया गया था। 

इस मूर्ति का निर्माण 92 वर्षीय राम वी. सुतार की देखरेख में हुआ है.  राम वी. सुतार एक शिल्पकार है  जिन्हे साल 2016 में सरकार द्वारा  पद्म भूषण से सम्मानित किया गया . इससे पहले वर्ष 1999 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित  किया जा चुका है. इसके अलावा वे बांबे आर्ट सोसायटी के लाइफ टाइम अचीवमेंट समेत अन्य पुरस्कार से भी पुरस्कृत किये जा चुके है।



लर्सन एंड टर्बो और राज्य सरकार के सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने 250 इंजीनियर, 3,400 मजदूरों की मदद से चार साल में निर्माण पूरा किया गया . प्रतिमा के निर्माण के लिए भारत ही नहीं चीन की भी  इंजीनियर की सहायता लेनी पड़ी। 

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कुल वजन 1700 टन है  और इसकी  ऊंचाई 522 फिट यानी 182 मीटर है. यह प्रतिमा अपने आप में अनूठी है. मूर्ति के  पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है. 
सरदार पटेल की यह मूर्ति 6.5 तीव्रता के भूकंप को सह सकती है 





निर्माण में खर्च

इस परियोजना के निर्माण के 2,989 करोड़ (US$436 Million) लगा है। 
इस परियोजना  के निर्माण के लिए प्रारम्भ में भारत सरकार द्वारा कुल लागत 3,001 करोड़ (US$ 438.15 million) रखी गयी थी ,लेकिन बाद में लार्सन एंड टूब्रो ने सबसे काम कीमत 2,989 करोड़ (US$ 438.15 million) की बोली लगायी। 

सरदार पटेल की मुख्य प्रतिमा बनाने में1,347 करोड़ रुपये खर्च किए गए है , जबकि 235 करोड़ रुपये प्रदर्शनी हॉल और सभागार केंद्र पर खर्च किये गये. वहीं 657 करोड़ रुपये अगले 15 साल तक ढांचे के रखरखाव पर खर्च किए  जाएंगे।  83 करोड़ रुपये पुल के निर्माण पर खर्च किये गया है। 


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